ख़ामोशी को कुछ कहने दो...

Tuesday, November 1, 2011

आँखों ही आँखों में कुछ,
इशारे-इशारे होने दो,
मौन शब्द होठों में,
जो बात है दिल में,
एहसास प्यार का होने दो,
कुछ न कहो आज,
ख़ामोशी को कुछ कहने दो...

चांदनी रात सुहानी,
मदभरी हवा को गाने दो,
दो दिल मिल रहे,
साँसों में साँस घुलने दो,
पल ये थमने दो,
कुछ न कहो आज,
ख़ामोशी को कुछ कहने दो...

होठों को छूके हलके से,
प्यार की प्यास बुझने दो,
हाथों में हाथ रेशम सा,
स्पर्श मधिर मधुर सा,
एक दूजे में खो जाने दो,
कुछ न कहो आज,
ख़ामोशी को कुछ कहने दो...

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